शिवाजी बस्ती में विजयादशमी एवं संघ स्थापना दिवस समारोह, शस्त्र पूजन के साथ स्वयंसेवकों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
झांसी, 20 अक्टूबर। संगठित, संस्कारित और अनुशासित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित कर ही समर्थ एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झांसी विभाग प्रचारक मनोज ने मंगलवार को शिवाजी नगर स्थित सुभाष पार्क में आयोजित विजयादशमी, शस्त्र पूजन एवं संघ स्थापना दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में कही।
उन्होंने कहा कि समाज को संगठित करने के लिए गांव-गांव में सभाएं, संस्कारों के लिए कथा-चर्चा, शिक्षा के लिए पाठशालाएं और शारीरिक विकास के लिए मल्लशालाएं आवश्यक हैं। सामूहिक रूप से पर्व मनाने की परंपरा सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती है।
विजयादशमी के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व धर्म की अधर्म पर विजय के साथ शक्ति, साहस और आत्मरक्षा का संदेश देता है। उन्होंने महाभारत काल में अर्जुन द्वारा शमी वृक्ष से शस्त्र प्राप्त करने तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की सीमोल्लंघन परंपरा का उल्लेख करते हुए शस्त्र पूजन के महत्व को रेखांकित किया।
विभाग प्रचारक ने बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए चित्रकूट, कालिंजर दुर्ग और अन्य धार्मिक स्थलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अभिमन्यु, वीर साहिबजादों जोरावर सिंह एवं फतेह सिंह, छत्रपति संभाजी महाराज तथा बंदा बैरागी के बलिदान का स्मरण कर युवाओं से उनके साहस, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना संगठित और अनुशासित समाज के निर्माण के उद्देश्य से की थी। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित संघ ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया। संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होना स्वयंसेवकों के निरंतर समर्पण और संगठनात्मक प्रयासों का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ भगवा ध्वज फहराकर तथा संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी एवं भगवान श्रीराम के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अमृतवचन एवं प्रेरणादायी एकल गीत की प्रस्तुति के साथ शस्त्र पूजन भी संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता शिवाजी नगर के संघचालक बृजमोहन गौतम ने की, जबकि कानपुर प्रांत के प्रांत कार्यवाह रामकेश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित सहभागिता की। आगंतुकों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुरेश पुरोहित, जगदीश कटारे, रामसेवक, पुरुषोत्तम दास, रामस्वरूप एवं देवेंद्र सहित अनेक गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
